fal darakhton se gire the aandhiyon men thaal bhar | फल दरख़्तों से गिरे थे आँधियों में थाल भर

  - Badr Wasti
फलदरख़्तोंसेगिरेथेआँधियोंमेंथालभर
मेरेहिस्सेमेंमगरआएनहींरूमालभर
पहलेसारेपंछियोंकोपरमिलेंपर्वाज़के
फिरशिकारीसेकहेकोईकिअपनाजालभर
मौसमोंकीसख़्तियाँतोबादलोंसीउड़गईं
आजभीमहफ़ूज़कबहैदिलकाशीशाबाल-भर
धुँदहीछाईरहीआँखोंमेंतुमसेक्याकहें
अबतोयारोएकसारहताहैमौसमसाल-भर
धूपकीमन-मानियोंपरमुस्कुरातेथेकभी
इनतनावरपेड़ोंपरपत्तेबचेहैंडाल-भर
एकशयकानामजोबतलाएउसकानामहो
अपनीगलियोंमेंनहींहैमुंबईसीचालभर
औरहमसेक्यातक़ाज़ाहैतिराअस्र-ए-रवाँ
जान-आे-तनकानामहैबसहड्डियोंपरखाल-भर
  - Badr Wasti
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy