tamaam qahar-o-bala se hai vaasta meraa | तमाम क़हर-ओ-बला से है वास्ता मेरा

  - Badr-e-Alam Khan Azmi
तमामक़हर-ओ-बलासेहैवास्तामेरा
हरएकहादिसालगताहैहादिसामेरा
हवासुनातीहैनौहागरीशहादतका
हरएकमौजपेलिक्खाहैमर्सियामेरा
वोकौनहैमिरेअंदरजोवारकरताहै
येकिसहरीफ़सेठहरामुक़ाबलामेरा
कोईकिताबउठाऊँतोख़ूँटपकताहै
येकौनकरगयाज़ख़्मीमुतालामेरा
ख़ुदागवाहकिउनकीज़मीनतंगहुई
दुरुस्तकरनेचलेथेजोक़ाफ़ियामेरा
तुयूरआएमगरउनकीचोंचख़ालीथी
फ़रारहोगयालश्करसेअबरहामेरा
येक्याहुआकिअचानकदहलउठेबच्चे
वोकोईपूछरहाहैवहाँपतामेरा
बिछड़केउससेहरइकशयबिछड़गईमुझसे
उसीकाअक्सदिखाताहैआईनामेरा
मुझेगुमानकीमेराज़मीरज़िंदाहै
उसेयक़ीनकिसबकुछहैवाहिमामेरा
हरइकबलाकामुझीपरनुज़ूलहोताहै
लिखाहुआहैफ़लकपरकहींपतामेरा
फ़लक-शिगाफ़मिरीचीख़जबउभरतीहै
सुनाईदेताहैलोगोंकोक़हक़हामेरा
किसेपड़ीहैजोगहराइयोंमेंउतरेगा
यहाँपेकौनसमझताहैफ़ल्सफ़ामेरा
मैंबर्ग-ए-गुलसेकरूँँगामुक़ाबलाउसका
सुनादोजाकेयेक़ातिलकोफ़ैसलामेरा
  - Badr-e-Alam Khan Azmi
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