zindagi ka dhang ye kaisa hai tere shahar men | ज़िंदगी का ढंग ये कैसा है तेरे शहर में

  - Badr-e-Alam Khan Azmi
ज़िंदगीकाढंगयेकैसाहैतेरेशहरमें
एकरोताहैतोइकहँसताहैतेरेशहरमें
हाथमेंपत्थरलिएइकभीड़हैहरमोड़पर
इनदिनोंमेराबहुतचर्चाहैतेरेशहरमें
मेरेसीनेमेंसुलगताहैकोईआतिश-फ़िशाँ
हरक़दमपरदिलमिराजलताहैतेरेशहरमें
जिनकेआँखेंहैंउन्हेंकुछभीनज़रआतानहीं
देखनेवालामगरअंधाहैतेरेशहरमें
जबकोईचढ़ताहैऊपरखींचलेतेहैंउसे
एकगिरताहैतोइकउठताहैतेरेशहरमें
लोगसींचेंगेलहूसेलहलहातीफ़स्लको
नफ़रतोंकेबीजवोबोताहैतेरेशहरमें
जलरहीहैधीरेधीरेदिलकेरिश्तोंकीमिठास
कौनहैजोआगभड़काताहैतेरेशहरमें
आस्तीनोंमेंहैंख़ंजरफिरभीमिलतेहैंगले
दोस्तीकेनामपरधोकाहैतेरेशहरमें
किसकीचीख़ोंसेलरज़तेहैंदर-ओ-दीवारसब
कौनहैजोरातभररोताहैतेरेशहरमें
पाँवसेमा'ज़ूरहोजाताहैख़ालिसऔरखरा
हाँवहीचलताहैजोखोटाहैतेरेशहरमें
तंज़करताहैमिरीग़ुर्बतपेमेराहीज़मीर
हैबुरावोशख़्सजोअच्छाहैतेरेशहरमें
जंगलोंमेंभेड़ियेकोभेड़ियाखातानहीं
आदमीकोआदमीखाताहैतेरेशहरमें
रोज़मरनेकीदुआएँमाँगतीहैज़िंदगी
बसवहीज़िंदाहैजोमुर्दाहैतेरेशहरमें
करदियाता'मीरउसकीक़ब्रपरबैत-उल-ख़ला
एकशाइ'रकिसक़दररुस्वाहैतेरेशहरमें
आँधियोंमेंबुझगएहैंशहरकेसारेचराग़
एकरौशनबसतिराचेहराहैतेरेशहरमें
  - Badr-e-Alam Khan Azmi
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