gum hue jaate hain dhadkan ke nishaan hum-nafso | गुम हुए जाते हैं धड़कन के निशाँ हम-नफ़सो

  - Badr-e-Alam Khalish
गुमहुएजातेहैंधड़कनकेनिशाँहम-नफ़सो
हैदर-ए-दिलपेकोईसंग-ए-गिराँहम-नफ़सो
रिसनेलगतीहैंजबआँखोंसेतेज़ाबीयादें
बातकरतेहुएजलतीहैज़बाँहम-नफ़सो
दिलसेलबतककोईकोहरामसासन्नाटाहै
ख़ुद-कलामीमुझेलेआईकहाँहम-नफ़सो
इकसुबुकमौजहैइकलौह-ए-दरख़्शाँपेरवाँ
हैतमाशाईयहाँसाराजहाँहम-नफ़सो
कितनेमसरूफ़हैंमसरूरनहींफिरभीयेलोग
हैयेक्यासिलसिला-ए-कार-ए-ज़ियाँहम-नफ़सो
शामतम्हीद-ए-ग़ज़लरातहैतकमील-ए-ग़ज़ल
दिननिकलतेहीनिकलजातीहैजाँहम-नफ़सो
रश्क-ए-महशरकोईक़ामततोनिगाहोंमेंजचे
दिलमेंबाक़ीहैअभीताब-ओ-तवाँहम-नफ़सो
ज़िंदाहोरस्म-ए-जुनूँकिसकीनवा-रेज़ीसे
अबरहाकौनयहाँशो'ला-ब-जाँहम-नफ़सो
आजकीशामग़ज़लक्यूँँ'ख़लिश'सेहीसुनें
ढूँडकरलाएकोईहैवोकहाँहम-नफ़सो
  - Badr-e-Alam Khalish
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