gaurayyon ne jashn manaaya mere aangan baarish ka | गौरय्यों ने जश्न मनाया मेरे आँगन बारिश का

  - Badr-e-Alam Khalish
गौरय्योंनेजश्नमनायामेरेआँगनबारिशका
बैठेबैठेगईनींदइसरारथायेकिसीख़्वाहिशका
चंदकिताबेंथोड़ेसपनेइककमरेमेंरहतेहैं
मैंभीयहाँगुंजाइशभरहूँकिसकोख़यालआराइशका
ठहरठहरकरकौंदरहीथीबिजलीबाहरजंगलमें
ट्रेनरुकीतोसरपटहोगयाघोड़ावक़्तकीताज़िशका
टीसपुरानेज़ख़्मोंकीथीनींदउचटगईआँखोंसे
भीगरहाथाकरवटकरवटगोशागोशाबालिशका
किसीकेदिलपरदस्तकदूँगाकिसीकेग़मकादुखड़ाहूँ
सुननेवालेसमझरहेहैंनग़्माहूँफ़रमाइशका
सरकेऊपरख़ाकउड़ीतोसबदिलथामकेबैठगए
ख़बरनहींथीगुज़रचुकाहैमौसमअब्र-ए-नवाज़िशका
रेंगरहीथींअमर-लताएँछुपछुपकरशादाबीमें
उर्यांहोतीशाख़ोंसेअबभरमखुलाज़ेबाइशका
अपनीहीधुनमेंमगनरहताहैसच्चेसुरकासाज़िंदा
जैसेकिमैंहूँमतवालाख़ुदअपनेतर्ज़-ए-निगारिशका
क़दमक़दमहैवीरानाकहींऔर'ख़लिश'अबक्याजाना
वर्नाशौक़मुझेभीकलथासहराकीपैमाइशका
  - Badr-e-Alam Khalish
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