zahar pi.e madhosh andheri raat | ज़हर पिए मदहोश अँधेरी रात

  - Badnam Nazar
ज़हरपिएमदहोशअँधेरीरात
नागिनसीख़ामोशअँधेरीरात
दिनकीसूरतमुझकोभीखाजाकर
मैंभीहूँबेहोशअँधेरीरात
शहरोंमेंख़ामोशीहीख़ामोशीथी
तूफ़ाँथापुर-जोशअँधेरीरात
क्याजानेकिसनेओढ़ामेरापैकर
मैंख़्वाब-ए-ख़रगोशअँधेरीरात
चाँदीजैसीकिरनेंमुझपरमतडालो
मेरातोसर-पोशअँधेरीरात
नींदकहाँमेरेघरआएगी'बदनाम'
मैंख़ाना-बर-दोशअँधेरीरात
  - Badnam Nazar
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