hayaat Dhoondh raha hooñ qaza ki raahon men | हयात ढूँढ़ रहा हूँ क़ज़ा की राहों में

  - Badnam Nazar
हयातढूँढ़रहाहूँक़ज़ाकीराहोंमें
पनाहमाँगनेआयाहूँबे-पनाहोंमें
बदनममीथानज़रबर्फ़साँसकाफ़ूरी
तमामरातगुज़ारीहैसर्दबाँहोंमें
अबउनमेंशोलेजहन्नमकेरक़्सकरतेहैं
बसेथेकितनेहीफ़िरदौसजिननिगाहोंमें
बुझीजोराततोअपनीगलीकीयादआई
उलझगयाथामैंरंगीनशाह-राहोंमें
जानेक्याहुआअपनाभीअबनहींहैवो
जोएकउम्रथादुनियाकेख़ैर-ख़्वाहोंमें
मिरीतलाशकोजिसइल्मसेक़रारआए
ख़ानक़ाहोंमेंपाईदर्स-गाहोंमें
  - Badnam Nazar
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