baagh-e-dil men koi guncha na khila tere ba'ad | बाग़-ए-दिल में कोई ग़ुंचा न खिला तेरे बा'द

  - Badnam Nazar
बाग़-ए-दिलमेंकोईग़ुंचाखिलातेरेबा'द
भूलकरआईइससम्तसबातेरेबा'द
तेरीज़ुल्फ़ोंकीमहकतेरेबदनकीख़ुशबू
ढूँढतीफिरतीहैइकपगलीहवातेरेबा'द
वहीमेलेवहीपनघटवहीझूलेवहीगीत
गाँवमेंपरकोईतुझसामिलातेरेबा'द
अंधीरातोंकीस्याहीमिरामक़्दूरहुई
कोईतारामिरेआँगनगिरातेरेबा'द
देदियाअपनेदिल-ओ-जानकाइकइकक़तरा
औरक्याचाहतीहैतेरीसदातेरेबा'द
जिस्ममेराथामगररूहकामालिकथाऔर
कैसीअय्यारीकायेराज़खुलातेरेबा'द
हद-ए-इमकानतलककिरनेंवफ़ाकीबिखरें
जिस्ममेराकईज़ख़्मोंसेसजातेरेबा'द
तूहीग़ालिबनहींइकजौर-ए-फ़लककामारा
मेरेघरआयाहैतूफ़ान-ए-बलातेरेबा'द
किसीख़ुश-फ़हमीमेंरहताहैतूबदनाम-'नज़र'
कौनरक्खेगातुझेयादभलातेरेबा'द
  - Badnam Nazar
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