gum-shuda mausam ka aankhoñ men koi sapna sa tha | गुम-शुदा मौसम का आँखों में कोई सपना सा था

  - Badnam Nazar
गुम-शुदामौसमकाआँखोंमेंकोईसपनासाथा
बादलोंकेउड़तेटुकड़ोंमेंतिराचेहरासाथा
फिरकभीमिलजाएशायदज़िंदगीकीभीड़में
जिसकीबातेंप्यारीथींऔरनामकुछअच्छासाथा
जाँ-ब-लबहोनेलगाहैप्यासकीशिद्दतसेवो
ख़ुश्करेगिस्तानमेंइकशख़्सजोदरियासाथा
घिरगयाहैअबतोशो'लोंमेंमिरासारावजूद
उसकीयादेंथींतोसरपरइकख़ुनुकसायासाथा
उसनेअच्छाहीकियारिश्तोंकेधागेतोड़कर
मैंभीकुछउकतागयाथावोभीकुछऊबासाथा
शहरकीएकएकशयअपनीजगहपरहै'नज़र'
क्याहुआवोआदमीकुछकुछजोदीवानासाथा
  - Badnam Nazar
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