hawa se rabt zaraa soch kar banaana tha | हवा से रब्त ज़रा सोच कर बनाना था

  - Babar Ali Asad
हवासेरब्तज़रासोचकरबनानाथा
हमेंज़मींपेउतरनाथाघरबनानाथा
ख़ुशीबनानीथीपहलेकिसीतअ'ल्लुक़की
फिरइसख़ुशीकोबचानेकाडरबनानाथा
हमारीआँखकोअबतकसमझनहींआई
किपहलेअश्कयापहलेकोहरबनानाथा
अरेयेइश्क़भीतोमनचलेकासौदाहै
हमारेबसमेंजोहोताकिधरबनानाथा
हवातोरोज़सुनातीथीधूपरौज़नसे
मगरहमेंयहाँसूरजसादरबनानाथा
सुनोयेऐबकिसीरंगसेनहींछुपने
बसएकहलथाहमेंतोड़करबनानाथा
मुआ'फ़करनातुझेखुलकेलिखनहींपाए
हमेंयेक़िस्साज़रामुख़्तसरबनानाथा
  - Babar Ali Asad
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