pau fati subh hui shaam hui | पौ फटी सुब्ह हुई शाम हुई

  - B S Jain Jauhar
पौफटीसुब्हहुईशामहुई
ज़िंदगीबसयूँँहीतमामहुई
वक़्तगुज़रागुज़रगईंसदियाँ
नस्ल-ए-इंसाँशाद-कामहुई
सरझुकानेसेक़दनहींघटता
सर-कशीख़ुदहीज़ेर-ए-दामहुई
हैंजुदाक़ौमोंकीभीतक़दीरें
कोईउभरीकोईग़ुलामहुई
बढ़तीआबादियोंकेचलतेहुए
सबतरक़्क़ीबराएनामहुई
  - B S Jain Jauhar
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