main dastaras se tumhaari nikal bhi saka hooñ | मैं दस्तरस से तुम्हारी निकल भी सकता हूँ

  - Aziz Nabeel
मैंदस्तरससेतुम्हारीनिकलभीसकताहूँ
येसोचलोकिमैंरस्ताबदलभीसकताहूँ
तुम्हारेबादयेजानाकिमैंजोपत्थरथा
तुम्हारेबादकिसीदमपिघलभीसकताहूँ
क़लमहैहाथमेंकिरदारभीमिरेबसमें
अगरमैंचाहूँकहानीबदलभीसकताहूँ
मिरीसिरिश्तमेंवैसेतोख़ुश्कदरियाहै
अगरपुकारलेसहराउबलभीसकताहूँ
उसेकहोकिगुरेज़ाँयूँँरहेमुझसे
मैंएहतियातकीबारिशमेंजलभीसकताहूँ
  - Aziz Nabeel
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