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A R Sahil "Aleeg"
har kisi ko main mukhatib kah ke tum karta nahin hooñ
har kisi ko main mukhatib kah ke tum karta nahin hooñ | हर किसी को मैं मुख़ातिब कह के "तुम" करता नहीं हूँ
- A R Sahil "Aleeg"
हर
किसी
को
मैं
मुख़ातिब
कह
के
"तुम"
करता
नहीं
हूँ
तुम
को
जो
"तुम"
कह
दिया
समझो
बहुत
ही
ख़ास
हो
तुम
- A R Sahil "Aleeg"
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कुछ
नज़र
आता
नहीं
उस
के
तसव्वुर
के
सिवा
हसरत-ए-दीदार
ने
आँखों
को
अंधा
कर
दिया
Haidar Ali Aatish
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उसने
हम
सेे
बातें
करना
छोड़
दिया
माँ
की
जिस
सेे
बात
कराने
वाले
थे
Tanoj Dadhich
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ग़म-ए-ज़माना
ने
मजबूर
कर
दिया
वर्ना
ये
आरज़ू
थी
कि
बस
तेरी
आरज़ू
करते
Akhtar Shirani
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क्या
जाने
किस
ख़ता
की
सज़ा
दी
गई
हमें
रिश्ता
हमारा
दार
पे
लटका
दिया
गया
शादी
में
सब
पसंद
का
लाया
गया
मगर
अपनी
पसंद
का
उसे
दूल्हा
नहीं
मिला
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Afzal Ali Afzal
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मुझे
अँधेरे
से
बात
करनी
है
सो
करा
दो,
दिया
बुझा
दो
कुछ
एक
लम्हों
को
रौशनी
का
गला
दबा
दो,
दिया
बुझा
दो
रिवाज़-ए-महफ़िल
निभा
रहा
हूँ
बता
रहा
हूँ
मैं
जा
रहा
हूँ
मुझे
विदा
दो,
जो
रोना
चाहे
उन्हें
बुला
दो,
दिया
बुझा
दो
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Vikram Gaur Vairagi
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कहाँ
चराग़
जलाएँ
कहाँ
गुलाब
रखें
छतें
तो
मिलती
हैं
लेकिन
मकाँ
नहीं
मिलता
Nida Fazli
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तमाम
शहर
को
तारीकियों
से
शिकवा
है
मगर
चराग़
की
बैअत
से
ख़ौफ़
आता
है
Aziz Nabeel
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दिलों
को
तेरे
तबस्सुम
की
याद
यूँँ
आई
कि
जगमगा
उठें
जिस
तरह
मंदिरों
में
चराग़
Firaq Gorakhpuri
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मैं
ने
उस
की
तरफ़
से
ख़त
लिक्खा
और
अपने
पते
पे
भेज
दिया
Fahmi Badayuni
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उसके
हाथ
में
बाक़ी
क्या
रह
जाता
है
तुमने
जिसका
हाथ
पकड़कर
छोड़
दिया
Vashu Pandey
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इश्क़
में
जिस
ने
सच
कहा
समझो
उस
के
हिस्से
में
बे-वफ़ाई
है
A R Sahil "Aleeg"
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एक
मुद्दत
तक
तो
याराना
चला
शमअ'
से
फिर
दूर
परवाना
चला
ख़ुद
ब
ख़ुद
होने
लगीं
गुल
पोशियाँ
जिस
तरफ़
भी
तेरा
दीवाना
चला
शाम
ढलते
याद
आया
बे-वफ़ा
और
शब
भर
दौर-ए-पैमाना
चला
दुश्मनों
के
नाम
भी
खुलते
गए
जब
गज़ाला
का
भी
अफ़्साना
चला
रात
भर
ज़हनों
में
सुलगी
नफ़रतें,
रात
भर
क़ाबा
ओ
बुतखाना
चला
कर
दिया
चित
इश्क़
ने
साहिल
हमें
इक
पियादा
भी
न
इक
खाना
चला
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A R Sahil "Aleeg"
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कैसी
आँधी
आई
है
इस
इश्क़
की
बस्ती
में
देखो
हुस्न
वाले
जितने
हैं
सब
कर
रहे
हैं
बे-वफ़ाई
A R Sahil "Aleeg"
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सजा
लेंगे
अपने
होंठो
पे
हर
लम्हा
नाम
तेरा
लबों
से
अपने
शिकायत
नहीं
कोई
हम
करेंगे
A R Sahil "Aleeg"
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लौट
कर
आने
के
लिए
साहिल
छोड़
कर
इश्क़
कौन
जाता
है
A R Sahil "Aleeg"
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