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Anurag Ravi
kitaab si koi ladki mil jaa.e
kitaab si koi ladki mil jaa.e | किताब सी कोई लड़की मिल जाए
- Anurag Ravi
किताब
सी
कोई
लड़की
मिल
जाए
मैं
पढ़ने
लिखने
वाला
लड़का
हूँ
- Anurag Ravi
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हमारा
इल्म
बूढ़ा
हो
रहा
है
किताबें
धूल
खाती
जा
रही
हैं
Kaif Uddin Khan
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किताबें
बंद
करके
जब
मैं
बिस्तर
पर
पहुँचता
हूँ
तुम्हारी
याद
भी
आकर
बगल
में
लेट
जाती
है
Bhaskar Shukla
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अशआ'र
मिरे
यूँँ
तो
ज़माने
के
लिए
हैं
कुछ
शे'र
फ़क़त
उन
को
सुनाने
के
लिए
हैं
ये
इल्म
का
सौदा
ये
रिसाले
ये
किताबें
इक
शख़्स
की
यादों
को
भुलाने
के
लिए
हैं
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Jaan Nisar Akhtar
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ये
हुनर
रब
ने
मेरी
ज़ात
में
रक्खा
हुआ
है
अच्छे
अच्छो
को
भी
औक़ात
में
रक्खा
हुआ
है
Fareeha Naqvi
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पुरानी
कश्ती
को
पार
लेकर
फ़क़त
हमारा
हुनर
गया
है
नए
खेवइये
कहीं
न
समझें
नदी
का
पानी
उतर
गया
है
Uday Pratap Singh
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वही
लिखने
पढ़ने
का
शौक़
था,
वही
लिखने
पढ़ने
का
शौक़
है
तेरा
नाम
लिखना
किताब
पर,
तेरा
नाम
पढ़ना
किताब
में
Bashir Badr
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किताब
फ़िल्म
सफ़र
इश्क़
शा'इरी
औरत
कहाँ
कहाँ
न
गया
ख़ुद
को
ढूँढता
हुआ
मैं
Jawwad Sheikh
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उतारा
दिल
के
वरक़
पर
तो
कितना
पछताया
वो
इंतिसाब
जो
पहले
बस
इक
किताब
पे
था
Aanis Moin
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हमें
पढ़ाओ
न
रिश्तों
की
कोई
और
किताब
पढ़ी
है
बाप
के
चेहरे
की
झुर्रियाँ
हम
ने
Meraj Faizabadi
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क़ौम-ओ-मज़हब
क्या
किसी
का
और
क्या
है
रंग-ओ-नस्ल
ऐसी
बातें
छोड़
कर
बस
इल्म-ओ-फ़न
की
बात
हो
Sayan quraishi
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मैंने
उसे
माफ
कर
दिया
और
कितनी
सज़ा
दूँ
उसको
Anurag Ravi
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इंसान
नाम
की
एक
कहानी
में
हमें
कई
किरदार
दिखाई
दिए
Anurag Ravi
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माँ
बाप
के
आँसुओं
की
वजह
क्या
जाने
जो
बेटा
छुट्टियों
में
भी
घर
नहीं
आता
Anurag Ravi
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पेड़
हिफ़ाजत
करना
चाहते
हैं
और
परिंदे
हैं,
उड़ना
चाहते
हैं
ना
मानों
हमारी
बात
यूँँ
ही
हम
तुम
सेे
उलझना
चाहते
हैं
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Anurag Ravi
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जब
देर
से
घर
आया
वो
तब
नज़रों
पर
आया
वो
मुशायरा
मुझे
भी
पढ़ना
था
इसलिए
सज
कर
आया
वो
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Anurag Ravi
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