sukoon ke pal bitaane chahiye the | सुकूँ के पल बिताने चाहिए थे

  - anupam shah
सुकूँकेपलबितानेचाहिएथे
हमेंलम्हेंचुरानेचाहिएथे
पहलहमकरनहींपाएजहाँपर
वहीकिस्सेबढ़ानेचाहिएथे
तुम्हेंजानाहीथाइकदिनयहाँसे
तुम्हेंतोबसबहानेचाहिएथे
उन्हींसबवाक़योपररोरहेहैं
हँसीमेंजोउड़ानेचाहिएथे
तिराहीफ़ैसलाथाग़महैक्यूँँअब,
येलबतोमुस्कुरानेचाहिएथे
कहाँतुमकुण्डलीकेफेरमेंथे
दिलोंसेदिलमिलानेचाहिएथे
मैंमाज़ीमेंभटकताफिररहाथा
मुझेदिनफिरपुरानेचाहिएथे
  - anupam shah
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