har ba | हर बड़ी मछली से हम तो इस तरह से डर गए

  - anupam shah
हरबड़ीमछलीसेहमतोइसतरहसेडरगए
हमनेतालाबोंकोछोड़ाफिरनएसेघरगए
जोनएसेरास्तेथेमुश्किलोंसेथेभरे
पाँवकितनोंकेगएकितनोंकेउस
मेंसरगए
देरकरदीजिनमेंहमनेसरतलकवोगए
हड़बड़ीमेंकामसारेहमग़लतवोकरगए
साँसकाआनाहुआफिरसाँसकाजानाहुआ
हमकोनामालूमहमज़िन्दाहैंयाफिरमरगए
अबनहींसुनतेहैंवोभीदूसरोंकीबातको
ज़ख़्मजितनेभीथेउनकेअबजोसारेभरगए
  - anupam shah
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