hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Daagh Aligarhi
usne dekha jo muskuraate hue
usne dekha jo muskuraate hue | उसने देखा जो मुस्कुराते हुए
- Daagh Aligarhi
उसने
देखा
जो
मुस्कुराते
हुए
मर
गए
लोग
कसमसाते
हुए
मैं
वो
मजनूँ
नहीं
जो
मर
जाऊँ
ख़ाक
सहराओं
में
उड़ाते
हुए
आग
थी
आग
और
भी
भड़की
आग
से
आग
को
बुझाते
हुए
लाख
वादे
किए
थे
उसने
भी
जिस्म
से
जिस्म
को
दबाते
हुए
और
फिर
दूर
हो
गए
दोनों
दरमियाँ
दूरियाँ
मिटाते
हुए
कितने
पुर्ज़े
लगे
थे
याद
नहीं
मैं
मगन
था
घड़ी
बनाते
हुए
और
कब
तक
चलूँ
तेरी
जानिब
मैं
अकेला
क़दम
बढ़ाते
हुए
कब
तकल्लुफ़
से
चैन
पाएगा
तू
नए
आदमी
बनाते
हुए
क्या
तुझे
मैं
भी
याद
आता
हूँ
मेरी
ग़ज़लों
को
गुनगुनाते
हुए
- Daagh Aligarhi
Download Ghazal Image
इस
ज़िन्दगी
में
इतनी
फ़राग़त
किसे
नसीब
इतना
न
याद
आ
कि
तुझे
भूल
जाएँ
हम
Ahmad Faraz
Send
Download Image
41 Likes
भुला
दिया
है
जो
तू
ने
तो
कुछ
मलाल
नहीं
कई
दिनों
से
मुझे
भी
तिरा
ख़याल
नहीं
Navin C. Chaturvedi
Send
Download Image
33 Likes
मरने
का
है
ख़याल
ना
जीने
की
आरज़ू
बस
है
मुझे
तो
वस्ल
के
मौसम
की
जुस्तजू
Muzammil Raza
Send
Download Image
29 Likes
तुझे
भूल
जाने
की
कोशिशें
कभी
कामयाब
न
हो
सकीं
तिरी
याद
शाख़-ए-गुलाब
है
जो
हवा
चली
तो
लचक
गई
Bashir Badr
Send
Download Image
30 Likes
ख़ुदा
ने
यह
सिफ़त
दुनिया
की
हर
औरत
को
बख़्शी
है
कि
वो
पागल
भी
हो
जाए
तो
बेटे
याद
रहते
हैं
Munawwar Rana
Send
Download Image
70 Likes
इस
तरह
रोते
हैं
हम
याद
तुझे
करते
हुए
जैसे
तू
होता
तो
सीने
से
लगा
लेता
हमें
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
84 Likes
अब
सुलगती
है
हथेली
तो
ख़याल
आता
है
वो
बदन
सिर्फ़
निहारा
भी
तो
जा
सकता
था
Ameer Imam
Send
Download Image
35 Likes
ज़िंदगी
में
आई
वो
जैसे
मेरी
तक़दीर
हो
और
उसी
तक़दीर
से
फिर
चोट
खाना
याद
है
Rohit tewatia 'Ishq'
Send
Download Image
6 Likes
फूल
ही
फूल
याद
आते
हैं
आप
जब
जब
भी
मुस्कुराते
हैं
Sajid Premi
Send
Download Image
24 Likes
इक
कली
की
पलकों
पर
सर्द
धूप
ठहरी
थी
इश्क़
का
महीना
था
हुस्न
की
दुपहरी
थी
ख़्वाब
याद
आते
हैं
और
फिर
डराते
हैं
जागना
बताता
है
नींद
कितनी
गहरी
थी
Read Full
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
64 Likes
Read More
उसको
ख़ाहिश
है
मुझ
सेे
मिलने
की
जिस
सेे
आकर
सितारे
मिलते
हैं
Daagh Aligarhi
Send
Download Image
0 Likes
हमने
देखा
है
दाग़
दुनिया
में,
बेवकूफ़ों
को
दाद
मिलती
है
Daagh Aligarhi
Send
Download Image
0 Likes
न
चाहो
किसी
को
भी
हद
से
गुज़र
कर
मिलेगा
वही
जो
मुक़द्दर
में
होगा
Daagh Aligarhi
Send
Download Image
0 Likes
कूचा
ए
यार
से
चले
निकले
ख़ुल्द
के
द्वार
से
चले
निकले
वक़्त
ठहराव
चाहता
था
और
हम
थे
रफ़्तार
से
चले
निकले
Read Full
Daagh Aligarhi
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Wajood Shayari
Gunaah Shayari
Ghar Shayari
Awaaz Shayari
Murder Shayari