deewaron par gham ke s | दीवारों पर ग़म के साए चलते हैं

  - Anmol Mishra
दीवारोंपरग़मकेसाएचलतेहैं
तुझकोपाकरभीखोआएचलतेहैं
पासतुम्हारेअबलाखोंकामज्माहै
अच्छाहमभीहुएपराएचलतेहैं
जिनराहोंपरआँखेंमूँदेचलतीतुम
उनराहोंपरहमटकराएचलतेहैं
आजजवानीठोकरखाकरगिरतीहै
बूढ़ेकंधेबोझउठाएचलतेहैं
जोगीवालाअलबेला'पनहैमुझ
में
सबपरइकसंसारलुटाएचलतेहैं
  - Anmol Mishra
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