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Anjum Lucknowi
mujhko jhoole men jab jhulaati hai
mujhko jhoole men jab jhulaati hai | मुझको झूले में जब झुलाती है
- Anjum Lucknowi
मुझको
झूले
में
जब
झुलाती
है
माँ
मुझे
लोरियाँ
सुनाती
है
- Anjum Lucknowi
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माँ
बाप
और
उस्ताद
सब
हैं
ख़ुदा
की
रहमत
है
रोक-टोक
उन
की
हक़
में
तुम्हारे
नेमत
Altaf Hussain Hali
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मुझपे
पड़ती
नहीं
बलाओं
की
धूप
सर
पे
साया-फ़िगन
है
माँ
की
दु'आ
Amaan Haider
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दुनिया
की
फ़िक्र
छोड़,
न
यूँँ
अब
उदास
बैठ
ये
वक़्त
रब
की
देन
है,
अम्मी
के
पास
बैठ
Salman Zafar
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मुझे
मालूम
है
माँ
की
दुआएँ
साथ
चलती
हैं
सफ़र
की
मुश्किलों
को
हाथ
मलते
मैंने
देखा
है
Aalok Shrivastav
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इक
लड़की
है
जो
इकदम
घर
जैसी
है
वो
बिल्कुल
माँ
जैसी
बातें
करती
है
Siddharth Saaz
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कमाता
हूँ
मैं
कितना
सोच
लेना
बाद
में
ये
सब
अभी
तो
बस
यही
काफ़ी
है
माँ
के
पास
रहता
हूँ
Tanoj Dadhich
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मैं
तेरी
गोद
में
कैसा
लगा
था
माँ
तेरा
तो
दूसरा
बचपन
हुआ
था
मैं
Rohit tewatia 'Ishq'
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पहले
अपनी
माँ
को
याद
किया
हमने
फिर
ज़ोमैटो
से
खाना
मंगवाया
है
-
तनोज
दाधीच
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Tanoj Dadhich
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खिलौनों
की
तरफ़
बच्चे
को
माँ
जाने
नहीं
देती
मगर
आगे
खिलौनों
की
दुकाँ
जाने
नहीं
देती
Munawwar Rana
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मुद्दतों
ब'अद
मुयस्सर
हुआ
माँ
का
आँचल
मुद्दतों
ब'अद
हमें
नींद
सुहानी
आई
Iqbal Ashhar
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इक
भरा
घर
सँभालती
है
माँ
अपने
बच्चों
को
पालती
है
माँ
दुख
उठाकर
दुआएं
दे
देके
हर
मुसीबत
को
टालती
है
माँ
आग
पे
रख
के
सब्र
की
हांडी
रोज़
कंकर
उबालती
है
माँ
गुनगुनाती
है
लोरियाँ
अक्सर
गोद
में
जब
उछालती
है
माँ
करके
ताकीद
झूठ
मत
बोलो
सच
के
साँचे
में
ढालती
है
माँ
बच्चे
बाहर
निकाल
देते
हैं
किसको
घर
से
निकालती
है
माँ
फ़िक़्र-ए-अंजुम
जहाँ
है
गोता
जन
वो
सेमुंदर
खंगालती
है
माँ
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Anjum Lucknowi
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जब
से
रूठे
नज़र
नहीं
आए
मुद्दतों
मेरे
घर
नहीं
आए
जो
सितारे
मेरे
नसीब
के
थे
अर्श
से
फ़र्श
पर
नहीं
आए
फैलते
देखी
सुर्खिये
इशराक
ढल
गए
दोपहर
नहीं
आए
वो
जो
आएँ
तो
नींद
आएगी
वो
अभी
तक
मगर
नहीं
आए
इतने
नाराज़
वो
हुए
'अंजुम'
फिर
कभी
लौट
कर
नहीं
आए
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Anjum Lucknowi
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मुँह
से
झड़ते
हैं
चाहतों
के
फूल
जब
मगन
होके
गुनगुनाती
है
Anjum Lucknowi
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