hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Anjum Lucknowi
ik bhara ghar sambhaalti hai maa
ik bhara ghar sambhaalti hai maa | इक भरा घर सँभालती है माँ
- Anjum Lucknowi
इक
भरा
घर
सँभालती
है
माँ
अपने
बच्चों
को
पालती
है
माँ
दुख
उठाकर
दुआएं
दे
देके
हर
मुसीबत
को
टालती
है
माँ
आग
पे
रख
के
सब्र
की
हांडी
रोज़
कंकर
उबालती
है
माँ
गुनगुनाती
है
लोरियाँ
अक्सर
गोद
में
जब
उछालती
है
माँ
करके
ताकीद
झूठ
मत
बोलो
सच
के
साँचे
में
ढालती
है
माँ
बच्चे
बाहर
निकाल
देते
हैं
किसको
घर
से
निकालती
है
माँ
फ़िक़्र-ए-अंजुम
जहाँ
है
गोता
जन
वो
सेमुंदर
खंगालती
है
माँ
- Anjum Lucknowi
Download Ghazal Image
ज़रा
सा
झूठ
ही
कह
दो
मेरे
बिन
तुम
अधूरे
हो
तुम्हारा
क्या
बिगड़ता
है
ज़रा
सी
बात
कहने
में
Parveen Shakir
Send
Download Image
34 Likes
किसी
उम्मीद
का
ये
इस्तिआरा
जान
पड़ता
है
कि
तन्हा
ही
सही
सच
झूट
से
अब
रोज़
लड़ता
है
Tarun Pandey
Send
Download Image
5 Likes
तुम
इन
लबों
की
हँसी
और
ख़ुशी
पे
मत
जाना
ये
रोज़
रोज़
हमें
भी
फ़रेब
देते
हैं
Shadab Asghar
Send
Download Image
1 Like
धोखा
है
इक
फ़रेब
है
मंज़िल
का
हर
ख़याल
सच
पूछिए
तो
सारा
सफ़र
वापसी
का
है
Rajesh Reddy
Send
Download Image
73 Likes
वो
बहुत
चालाक
है
लेकिन
अगर
हिम्मत
करें
पहला
पहला
झूट
है
उस
को
यक़ीं
आ
जाएगा
Zafar Iqbal
Send
Download Image
31 Likes
ये
कहते
हो
तिरे
जाने
से
दिल
को
चैन
आएगा
तो
जाता
हूँ,
ख़ुदा
हाफ़िज़!
मगर
तुम
झूठ
कहते
हो
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
78 Likes
खुला
है
झूठ
का
बाज़ार
आओ
सच
बोलें
न
हो
बला
से
ख़रीदार
आओ
सच
बोलें
Qateel Shifai
Send
Download Image
27 Likes
मैं
इस
लिए
भी
तेरे
फ़न
की
क़द्र
करता
हूँ
तू
झूठ
बोल
के
आँसू
निकाल
लेता
है
Ahmad Kamal Parvazi
Send
Download Image
34 Likes
फ़रेब-ए-साक़ी-ए-महफ़िल
न
पूछिए
'मजरूह'
शराब
एक
है
बदले
हुए
हैं
पैमाने
Majrooh Sultanpuri
Send
Download Image
21 Likes
अगर
सच
इतना
ज़ालिम
है
तो
हम
से
झूट
ही
बोलो
हमें
आता
है
पतझड़
के
दिनों
गुल-बार
हो
जाना
Ada Jafarey
Send
Download Image
23 Likes
Read More
जब
से
रूठे
नज़र
नहीं
आए
मुद्दतों
मेरे
घर
नहीं
आए
जो
सितारे
मेरे
नसीब
के
थे
अर्श
से
फ़र्श
पर
नहीं
आए
फैलते
देखी
सुर्खिये
इशराक
ढल
गए
दोपहर
नहीं
आए
वो
जो
आएँ
तो
नींद
आएगी
वो
अभी
तक
मगर
नहीं
आए
इतने
नाराज़
वो
हुए
'अंजुम'
फिर
कभी
लौट
कर
नहीं
आए
Read Full
Anjum Lucknowi
Download Image
0 Likes
मुझको
झूले
में
जब
झुलाती
है
माँ
मुझे
लोरियाँ
सुनाती
है
Anjum Lucknowi
Send
Download Image
0 Likes
मुँह
से
झड़ते
हैं
चाहतों
के
फूल
जब
मगन
होके
गुनगुनाती
है
Anjum Lucknowi
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Intezaar Shayari
Afsos Shayari
Aansoo Shayari
Aasman Shayari
Subah Shayari