tumhaare shahar men itne makaan gire kaise | तुम्हारे शहर में इतने मकाँ गिरे कैसे

  - Anees Ansari
तुम्हारेशहरमेंइतनेमकाँगिरेकैसे
मिरेअज़ीज़ठिकानेधुआँहुएकैसे
मैंशहर-ए-जब्रसेगुज़रातोसुरख़-रूहोकर
उन्हेंयेफ़िक्रलहूकानिशाँमिटेकैसे
सुनारहाहूँकहानीहज़ाररातोंकी
किशाहज़ादेकेसरसेसिनाँहटेकैसे
हिसाबख़ूबरखातुमनेअपनीलागतका
मिरेनिसाबमेंसूद-ओ-ज़ियाँचलेकैसे
हरएकशख़्सतुम्हारीतरहनहींहोता
कोईकिसीसेमोहब्बतकहाँकरेकैसे
जहाँभीशामहुईघरबनालियाअपना
मकाँबहुतथेमगरबे-मकाँरहेकैसे
'अनीस'तुमतोबहुततेज़चालचलतेथे
ज़राहमेंभीबताओमियाँगिरेकैसे
  - Anees Ansari
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