ik saanwale badan se mohabbat qubool kar | इक साँवले बदन से मोहब्बत क़ुबूल कर

  - Ammar Yasir Migsi
इकसाँवलेबदनसेमोहब्बतक़ुबूलकर
रब्ब-ए-इश्क़दिलकीशहादतक़ुबूलकर
आँखोंसेमेरीउसकेदुपट्टेतकआयाहै
रब्ब-ए-दर्दअश्ककीहिजरतक़ुबूलकर
सहराअगरनहींहैतोसहरासेकमनहीं
रब्ब-ए-क़ैसक़ल्बकीवहशतक़ुबूलकर
दिलनेअभीबिछाईहैजा-ए-नमाज़-ए-इश्क़
लुक्नत-ज़दाज़बाँकीइक़ामतक़ुबूलकर
मैंनेनमाज़छोड़केइकजाँबचाईहै
मा'बूद-ए-लम-यज़लयेइबादतक़ुबूलकर
  - Ammar Yasir Migsi
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