kaisa dar ashkon ki naql-e-makaani par | कैसा डर अश्कों की नक़्ल-ए-मकानी पर

  - Ammar Yasir Migsi
कैसाडरअश्कोंकीनक़्ल-ए-मकानीपर
हिज्रकापहराहैआँखोंकेपानीपर
उसकोहँसतादेखकेफूलथेहैरतमें
वोहँसतीथीफूलोंकीहैरानीपर
चश्मेंकेपानीजैसाशफ़्फ़ाफ़हूँमैं
दाग़कोईदिलमेंहैपेशानीपर
गिरहलगाकरचादरडालीमिसरेकी
मैंनेदूसरेमिसरेकीउर्यानीपर
वल-अस्रइन्नल-इनसानाकाविर्दकिया
वारदीशहरोंकीरौनक़वीरानीपर
  - Ammar Yasir Migsi
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