baqa ka aur fana ka mo'amla hai huzoor | बक़ा का और फ़ना का मोआ'मला है हुज़ूर

  - Ammar Yasir Migsi
बक़ाकाऔरफ़नाकामोआ'मलाहैहुज़ूर
चराग़औरहवाकामोआ'मलाहैहुज़ूर
मैंउसकोमानूँमानूँमुझेमिलेमिले
येमेराऔरख़ुदाकामोआ'मलाहैहुज़ूर
येमेरीतुझसेमोहब्बतअगरख़ताहैतोफिर
यहाँपेहुस्न-ए-ख़ताकामोआ'मलाहैहुज़ूर
येतयहुआभीअगरहोगानोक-ए-नेज़ापर
येएककर्ब-ओ-बलाकामुआ'मलाहैहुज़ूर
हैएकदिलकोइजाज़तयहाँधड़कनेकी
हथेलीऔरहिनाकामोआ'मलाहैहुज़ूर
तभीतोसच्चाख़ुदाभीख़मोशहै'अम्मार'
येआस्तींकाअसाकामोआ'मलाहैहुज़ूर
  - Ammar Yasir Migsi
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