tum jalwa dikhaao to zaraa parda-e-dar se | तुम जल्वा दिखाओ तो ज़रा पर्दा-ए-दर से

  - Amjad Najmi
तुमजल्वादिखाओतोज़रापर्दा-ए-दरसे
हमथकगएनज़्ज़ारा-ए-ख़ुरशीद-ओ-क़मरसे
मजबूर-ए-नुमाइशनहींकुछहुस्नहीउनका
हमभीतोहैंमजबूरतक़ाज़ा-ए-नज़रसे
बछड़ाहुआजैसेकोईमिलतेहीलिपटजाए
यूँँतीरतिराकेलिपटताहैजिगरसे
कटतेनहींक्यूँँशाम-ए-जुदाईकेयेलम्हे
मिलतीनहींक्यूँँज़ुल्मत-ए-शबजाकेसहरस
करनाहैकिसीदिनउसेहम-दोश-ए-सुरय्या
हैआहअभीतकमिरीमहरूमअसरसे
होजाएँहमेशाकेलिएआपजोमेरे
मैंमाँगलूँकुछउम्रयहाँउम्र-ए-ख़िज़रसे
ऐसातोकरपाएगाकोईभीफ़ुसूँ-कार
वोकरगएजोसादगी-ए-हुस्न-ए-नज़रसे
आसूदा-ए-मंज़िलनहींआगाह-ए-सऊबत
महरूमहैवोलज़्ज़त-ए-दूरी-ए-सफ़रसे
  - Amjad Najmi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy