nahin kuchh intiha afsurdagi ki | नहीं कुछ इंतिहा अफ़्सुर्दगी की

  - Amjad Najmi
नहींकुछइंतिहाअफ़्सुर्दगीकी
यहीहैरस्मशायदआशिक़ीकी
लब-ए-लालींपेयेलहरेंहँसीकी
यहीडूबेकश्तीज़िंदगीकी
ढलेआँसूकियेटूटेसितारे
सुकूतशबमेंयादआईकिसीकी
चमनमेंबूटाबूटादेखताहै
अदाएँइनकीमस्तानारवीकी
बढ़ाएजाक़दमज़ौक़तलबमें
शिकायतकरइज्ज़-ओ-ख़स्तगीकी
इसीकानामशायदज़िंदगीहै
ख़ुशीकीइकघड़ीतोइकग़मीकी
सुकून-ए-साहिल-ए-दरियाकाअरमाँ
करोबातेंयेकम-हिम्मतीकी
मिलाकरआँखफिरआँखेंचुराना
अदा-ए-ख़ासहैयेदिलबरीकी
अताहोतोअताहोदर्दऐसा
होलज़्ज़तजिसमेंसोज़-ए-दाइमीकी
अभीहैनूर-ओ-ज़ुल्मतकीकशाकश
अभीहैदूरमंज़िलआगहीकी
हयात-ए-चंद-रोज़ाअपनी'नजमी'
हैतस्वीर-ए-मुजस्समबेबसीकी
  - Amjad Najmi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy