नकुछआलिमसमझतेहैंनकुछजाहिलसमझतेहैं
मोहब्बतकीहक़ीक़तकोबसअहल-ए-दिलसमझतेहैं
निशान-ए-मंज़िल-ए-मक़्सूदपाकरभीनजोठहरे
उसीरहरवकोहमआसूदा-ए-मंज़िलसमझतेहैं
तिरेसहरा-नवर्दोंकामज़ाक़-ए-जुस्तुजूतौबा
ग़ुबार-ए-राहकोयेपर्दा-ए-महमिलसमझतेहैं
तुम्हींसेहैयेनूर-ए-शम्अ'औरयेसोज़-ए-परवाना
तुम्हींकोअहल-ए-महफ़िलरौनक़-ए-महफ़िलसमझतेहैं
नदुनियाबाइ'स-ए-ग़फ़लतनउक़्बावज्ह-ए-हुश्यारी
रहेजोतुझसेग़ाफ़िलहमउसेग़ाफ़िलसमझतेहैं
यहाँतोक़ाब़िल-ए-अफ़सोसहैंदुश्वारियाँउनकी
तुम्हारीराहमेंमुश्किलकोजोमुश्किलसमझतेहैं
उन्हींकोतेरेतीर-ए-नीम-कशकालुत्फ़आताहै
नसीनेकोजोसीनाऔरनदिलकोदिलसमझतेहैं
गुल-ए-मक़्सूदसेफिरक्यूँँउसेवोभरनहींदेते
मिरेदामनकोजबवोकासा-ए-साइलसमझतेहैं
कोईसमझेनसमझेइसहक़ीक़तकोमगर'नजमी'
हमअपनेदर्द-ए-दिलकोइश्क़काहासिलसमझतेहैं