kab se ham log is bhanwar men hain | कब से हम लोग इस भँवर में हैं

  - Amjad Islam Amjad
कबसेहमलोगइसभँवरमेंहैं
अपनेघरमेंहैंयासफ़रमेंहैं
यूँँतोउड़नेकोआसमाँहैंबहुत
हमहीआशोब-ए-बाल-ओ-परमेंहैं
ज़िंदगीकेतमाम-तररस्ते
मौतहीकेअज़ीमडरमेंहैं
इतनेख़दशेनहींहैंरस्तोंमें
जिसक़दरख़्वाहिश-ए-सफ़रमेंहैं
सीपऔरजौहरीकेसबरिश्ते
शे'रऔरशे'रकेहुनरमेंहैं
साया-ए-राहत-ए-शजरसेनिकल
कुछउड़ानेंजोबाल-ओ-परमेंहैं
अक्सबे-नक़्शहोगए'अमजद'
लोगफिरआइनोंकेडरमेंहैं
  - Amjad Islam Amjad
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