saa.e dhalne charaaghh jalne lage | साए ढलने चराग़ जलने लगे

  - Amjad Islam Amjad
साएढलनेचराग़जलनेलगे
लोगअपनेघरोंकोचलनेलगे
इतनीपुर-पेचहैभँवरकीगिरह
जैसेनफ़रतदिलोंमेंपलनेलगे
दूरहोनेलगीजरसकीसदा
कारवाँरास्तेबदलनेलगे
उसकेलहजेमेंबर्फ़थीलेकिन
छूकेदेखातोहाथजलनेलगे
उसकेबंद-ए-क़बाकेजादूसे
साँपसेउँगलियोंमेंचलनेलगे
राह-ए-गुम-कर्दाताएरोंकीतरह
फिरसितारेसफ़रपेचलनेलगे
फिरनिगाहोंमेंधूलउड़तीहै
अक्सफिरआइनेबदलनेलगे
  - Amjad Islam Amjad
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