हुज़ूर-ए-यारमेंहर्फ़इल्तिजाकेरक्खेथे
चराग़सामनेजैसेहवाकेरक्खेथे
बसएकअश्क-ए-नदामतनेसाफ़करडाले
वोसबहिसाबजोहमनेउठाकेरक्खेथे
सुमूम-ए-वक़्तनेलहजेकोज़ख़्मज़ख़्मकिया
वगरनाहमनेक़रीनेसबाकेरक्खेथे
बिखररहेथेसोहमनेउठालिएख़ुदही
गुलाबजोतिरीख़ातिरसजाकेरक्खेथे
हवाकेपहलेहीझोंकेसेहारमानगए
वहीचराग़जोहमनेबचाकेरक्खेथे
तुमहीनेपाँवनरक्खावगरनावस्लकीशब
ज़मींपेहमनेसितारेबिछाकेरक्खेथे
मिटासकीनउन्हेंरोज़ओशबकीबारिशभी
दिलोंपेनक़्शजोरंग-ए-हिनाकेरक्खेथे
हुसूल-ए-मंज़िल-ए-दुनियाकुछऐसाकामनथा
मगरजोराहमेंपत्थरअनाकेरक्खेथे