qaid lagti hai ye bhi jaise qafas men | क़ैद लगती है ये भी जैसे क़फ़स में

  - Amit Kumar
क़ैदलगतीहैयेभीजैसेक़फ़समें
चारदिनकीज़िंदगीयेसौबरसमें
रूठकरऐसेगयामुझसेवोइकदिन
जैसेतोथाहीनहींवोदस्तरसमें
अबनहींकरताकोईख़ातिरकिसीके
हैकहाँअबतोकिसीकेकुछभीबसमें
अबजलादेगीहवायेठंडीमुझको
अच्छालगनेहैलगामुझकोउमसमें
सारीदुनियाहीहैअबइसकेतलबमें
कहतेहोतुमकुछनहींरक्खाहवसमें
  - Amit Kumar
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