hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Amit Maulik
khulii aañkhen rakho in cameras men kya rakha yaaron
khulii aañkhen rakho in cameras men kya rakha yaaron | खुली आँखें रखो इन कैमरों में क्या रखा यारों
- Amit Maulik
खुली
आँखें
रखो
इन
कैमरों
में
क्या
रखा
यारों
मशीनों
की
नज़र
से
असली
मंज़र
चूक
जाते
हैं
- Amit Maulik
Download Sher Image
मुझे
भी
बख़्श
दे
लहजे
की
ख़ुशबयानी
सब
तेरे
असर
में
हैं
अल्फ़ाज़
सब,
म'आनी
सब
मेरे
बदन
को
खिलाती
है
फूल
की
मानिंद
कि
उस
निगाह
में
है
धूप,
छाँव,
पानी
सब
Read Full
Subhan Asad
Send
Download Image
28 Likes
नज़र
में
रखना
कहीं
कोई
ग़म
शनास
गाहक
मुझे
सुख़न
बेचना
है
ख़र्चा
निकालना
है
Umair Najmi
Send
Download Image
43 Likes
इक
नज़र
उस
चेहरे
की
देखी
है
जब
से
यार
मुँह
उतरा
हुआ
है
रौशनी
का
Harsh saxena
Send
Download Image
4 Likes
माँग
सिन्दूर
भरी
हाथ
हिनाई
करके
रूप
जोबन
का
ज़रा
और
निखर
आएगा
जिसके
होने
से
मेरी
रात
है
रौशन
रौशन
चाँद
में
आज
वही
अक्स
नज़र
आएगा
Read Full
Azhar Iqbal
Send
Download Image
66 Likes
गली
में
बैठे
हैं
उसकी
नज़र
जमाए
हुए
हमारे
बस
में
फ़क़त
इंतिज़ार
करना
है
Swapnil Tiwari
Send
Download Image
23 Likes
माँ
जैसे
देखती
हो
तुम
मगर
मैं
तुम्हारी
आँख
का
तारा
नहीं
हूँ
Divy Kamaldhwaj
Send
Download Image
31 Likes
क्यूँँ
इक
तरफ़
निगाह
जमाए
हुए
हो
तुम
क्या
राज़
है
जो
मुझ
से
छुपाए
हुए
हो
तुम
Shakeel Badayuni
Send
Download Image
28 Likes
यूँँ
तो
वो
शख़्स
बिलकुल
बे-गुनह
है
ज़माने
की
मगर
उस
पे
निगह
है
हमारे
दरमियाँ
जो
दूरियाँ
हैं
यक़ीनन
तीसरी
कोई
वजह
है
Read Full
Dileep Kumar
Send
Download Image
4 Likes
इतने
दुख
से
भरी
है
ये
दुनिया
आँख
खुलते
ही
आँख
भर
आए
shampa andaliib
Send
Download Image
9 Likes
तुम्हें
देखे
ज़माना
हो
गया
है
नज़र
महके
ज़माना
हो
गया
है
बिछड़के
तुम
सेे
आँखें
बुझ
गई
हैं
ये
दिल
धड़के
ज़माना
हो
गया
है
Read Full
Subhan Asad
Send
Download Image
32 Likes
Read More
वो
फ़रिश्तों
से
कहीं
कम
नहीं
होते
साहिब
जिनको
लगता
है
ज़माने
को
हँसाना
अच्छा
Amit Maulik
Send
Download Image
0 Likes
हुकूमत
करने
वाली
तिश्नगी
को
रोक
रक्खा
है
कहीं
कोई
तो
है
जिसने
घड़ी
को
रोक
रक्खा
है
न
जाने
कब
का
हो
जाता
ख़ुदा
इंसान
दुनिया
का
कोई
तो
है
कि
जिसने
आदमी
को
रोक
रक्खा
है
Read Full
Amit Maulik
Send
Download Image
0 Likes
किसी
दिन
रंग
लाएँगी
तुम्हारी
कोशिशें
कह
कर
पिता
टूटे
कलेजे
में
कलेजा
डाल
देते
हैं
Amit Maulik
Send
Download Image
0 Likes
गुज़िश्ता
दौर
के
सारे
यहाँ
फ़रहाद
बैठे
हैं
मुहब्बत
देख
ली
करके
सभी
बर्बाद
बैठे
हैं
अभी
नादान
हो
प्यारे
यहाँ
पर
इल्म
मत
बाँटो
यहाँ
जितने
भी
बैठे
है
सभी
उस्ताद
बैठे
हैं
Read Full
Amit Maulik
Send
Download Image
1 Like
ज़बान
ऐसी
कोई
बे-ईमान
देता
है
यहाँ
किसी
के
लिए
कौन
जान
देता
है
Amit Maulik
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Wahshat Shayari
Awaaz Shayari
Naqab Shayari
Bimari Shayari
Yaad Shayari