yuñ be-dam hain saansen ghutan kuchh nahin hai | यूँँ बे-दम हैं साँसें घुटन कुछ नहीं है

  - Amit Sharma Meet
यूँँबे-दमहैंसाँसेंघुटनकुछनहींहै
किसीदर्दकीअबचुभनकुछनहींहै
खिलौनेहैंमिट्टीकेहमसबयहाँपर
हक़ीक़तयहीहैबदनकुछनहींहै
येमानाकिपैकरबहुतकुछहैलेकिन
बिनारूहयेपैरहनकुछनहींहै
लगीआगख़्वाबोंमेंइतनीकिसमझो
येआँखोंकीमेरेजलनकुछनहींहै
मैंख़ुदमुस्तक़िलहूँसफ़रमेंसोमुझको
येलगनेलगाहैथकनकुछनहींहै
बिनासाथतेरेसभीकुछहैसूना
येदुनियाजहाँअंजुमनकुछनहींहै
नुमाइशहैसब'मीत'मेरेग़मोंकी
ग़ज़लकुछनहींहैसुख़नकुछनहींहै
  - Amit Sharma Meet
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