nazar bhar ke yuñ jo mujhe dekhta hai | नज़र भर के यूँँ जो मुझे देखता है

  - Amit Sharma Meet
नज़रभरकेयूँँजोमुझेदेखताहै
बताभीदेमुझकोकिक्यासोचताहै
मोहब्बतनहींजैसेक्याकरलियाहो
ज़मानामुझेइसक़दरटोकताहै
दिसम्बरकीसर्दीहैउसकेहीजैसी
ज़रासाजोछूलेबदनकाँपताहै
लगायाहैदिलभीतोपत्थरसेमैंने
मिरीज़िंदगीकीयहीइकख़ताहै
जिसेदेखकेग़मभीरस्ताबदलदे
वोचेहराजानेकहाँलापताहै
कोईबातदिलमेंयक़ीननहीहैजो
वोमिलतेहुएग़ौरसेदेखताहै
उसीकीगलीकाकोईएकलड़का
मोहब्बतकामुझसेहुनरपूछताहै
ढूँढोकहींभीमिलूँगायहींपे
येउजड़ीहवेलीहीमेरापताहै
कोईफ़र्क़पड़तानहीं'मीत'कोअब
जहाँउसकेबारेमेंक्यासोचताहै
  - Amit Sharma Meet
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