ishq ke maraahil men vo bhi vaqt aata hai | इश्क़ के मराहिल में वो भी वक़्त आता है

  - Amir Usmani
इश्क़केमराहिलमेंवोभीवक़्तआताहै
आफ़तेंबरसतीहैंदिलसुकूनपाताहै
आज़माइशेंदिलसख़्तहीसहीलेकिन
येनसीबक्याकमहैकोईआज़माताहै
उम्रजितनीबढ़तीहैऔरघटतीजातीहै
साँसजोभीआताहैलाशबनकेजाताहै
आबलोंकाशिकवाक्याठोकरोंकाग़मकैसा
आदमीमोहब्बतमेंसबकोभूलजाताहै
कार-ज़ार-ए-हस्तीमेंइज़्ज़-ओ-जाहकीदौलत
भीकभीनहींमिलतीआदमीकमाताहै
अपनीक़ब्रमेंतन्हाआजतकगयाहैकौन
दफ़्तर-ए-अमल'आमिर'साथसाथजाताहै
  - Amir Usmani
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