firaq-e-shab ki aziyyaton ka kalaam dukh hai tamaam dukh hai | फ़िराक़-ए-शब की अज़िय्यतों का कलाम दुख है तमाम दुख है

  - Ameer Hamza Salfi
फ़िराक़-ए-शबकीअज़िय्यतोंकाकलामदुखहैतमामदुखहै
यहाँहरइकमोड़परहरइकशयकानामदुखहैतमामदुखहै
समझसकाएकभीजबवोसवालमेराजवाबमेरा
लगेहैमुझकोकिमेरासाराकलामदुखहैतमामदुखहै
ख़ुशीभीआवेहैऔरग़मीभीयेज़िंदगीकासफ़रहैप्यारे
ख़ुशीहैमज़हरबहारकाग़मकानामदुखहैतमामदुखहै
क़दमजमाएखड़ेरहोतुमहौसलेपस्तहोनेदेना
हैआनेवालाजोएकआगेमक़ामदुखहैतमामदुखहै
येसिसकियाँयेमुहीबरातेंयेबे-क़रारीअमीर'हमज़ा'
हैंरोगजितनेभीउनसभीका'इमाम'दुखहैतमामदुखहै
  - Ameer Hamza Salfi
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