ajab hooñ main ki jo KHud dard-e-sar banata hooñ | अजब हूँ मैं कि जो ख़ुद दर्द-ए-सर बनाता हूँ

  - Ameer Hamza Salfi
अजबहूँमैंकिजोख़ुददर्द-ए-सरबनाताहूँ
मकानबननहींसकतामैंघरबनाताहूँ
उतारताहूँमैंवहशतवरक़पेपहलेफिर
जोरंगउदासीकाभरताहूँडरबनाताहूँ
उड़ानामैंनेहैऊँचीउड़ानशाहींको
तोफ़िक्र-ओ-फ़नसेमैंभीबाल-ओ-परबनाताहूँ
कभीतोकूचहीकरनाहैमुझकोदुनियासे
तोफिरमैंकिसलिएयाँमुस्तक़रबनाताहूँ
कशीदकरताहूँमैंभीकिसीतमन्नाको
गुमाँतराशताहूँदर्द-ए-सरबनाताहूँ
मैंख़ुदकोडसनेलगाहूँकहानीगर'हमज़ा'
मैंख़ुदकोफिरसेयहाँमारकरबनाताहूँ
  - Ameer Hamza Salfi
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