mire badan se kabhi aanch is tarah aa.e | मिरे बदन से कभी आँच इस तरह आए

  - Ameen Rahat Chugtai
मिरेबदनसेकभीआँचइसतरहआए
लिपटकेमुझसेमिरेसाथवोभीजलजाए
मैंआगहूँतोमिरेपासकोईक्यूँँबैठे
मैंराखहूँतोकोईक्यूँँकुरेदनेआए
भरेदयारमेंअबइसकोकिसतरहढूँडें
हवाचलेतोकहींबू-ए-हम-नफ़सआए
येरातऔररिवायातकीयेज़ंजीरें
गलीकेमोड़सेदोलौटतेहुएसाए
वहीबदनवहीचेहरावहीलिबासमगर
कोईकहाँसे'बसावन'कामू-क़लमलाए
कोईतोबातहुईहैअजीबसी'राहत'
किआइनाभीवोछोड़ेऔरशरमाए
  - Ameen Rahat Chugtai
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