nashaat-e-dard ka dariyaa utarne vaala hai | नशात-ए-दर्द का दरिया उतरने वाला है

  - Amardeep Singh
नशात-ए-दर्दकादरियाउतरनेवालाहै
मैंइससेऔरवोमुझसेउभरनेवालाहै
मैंउसकीनर्मनिगाहीसेहोगयामायूस
वोमेरीसादा-दिलीसेमुकरनेवालाहै
वोमेरेइश्क़मेंदीवाना-वारफिरनेलगे
येमो'जिज़ातोफ़क़तफ़र्ज़करनेवालाहै
मिरेख़यालकीपरवाज़सेजोवाक़िफ़है
वोआश्नाहीमिरेपरकतरनेवालाहै
अभीअभीमिरेकुछदोस्तआनेवालेहैं
मैंसोचताथाहरइकज़ख़्मभरनेवालाहै
फ़सील-ए-जिस्मपेकुछनक़्शछोड़जाएगा
जोहादिसामिरेदिलपरगुज़रनेवालाहै
बसइसख़यालमेंबिगड़ारहामैंबरसोंतक
अबएकदिनमेंकोईक्यासुधरनेवालाहै
वोबनकेज़ीस्तमिरेपासगयाहै'अमर'
येवक़्तमेरेलिएऐनमरनेवालाहै
  - Amardeep Singh
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