koi sipaahi nahin bach sakaa nishaanon se | कोई सिपाही नहीं बच सका निशानों से

  - Aman Shahzadi
कोईसिपाहीनहींबचसकानिशानोंसे
गलीमेंतीरबरसतेरहेमकानोंसे
येबुर्दबारीअचानकसेथोड़ीआईहै
कलामकरनापड़ामुझकोबद-ज़बानोंसे
तुम्हारेहाथसलामतरहेंतोशहज़ादे
येशालयूँँहीसरकतीरहेगीशानोंसे
हमारीराहमेंदीवारबनगएवोलोग
जिन्हेंसुनाईनहींदेरहाथाकानोंसे
तमाशेयूँँहीनहींकामयाबहोजाते
मकीनखींचकेलाएगएमकानोंसे
बहुतसेशे'रसुनाएहैंगुनगुनाकेमगर
येजंगजीतीनहींजारहीतरानोंसे
  - Aman Shahzadi
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