samajh sake jo mirii baat vo kalaam kare | समझ सके जो मिरी बात वो कलाम करे

  - Aman Shahzadi
समझसकेजोमिरीबातवोकलामकरे
नहींसमझतातोबसदूरसेसलामकरे
जिसेभीचाहिएख़ैरातमेंमिरीआवाज़
वोपहलेमेरीख़मोशीकाएहतिरामकरे
किवाड़खुलतेहीवर्नाबदनसेलिपटेगी
उसेकहोकिउदासीकाइंतिज़ामकरे
मुआमलात-ए-जहाँइसकेवास्तेछोड़े
औरएकवोहैजोफ़ुर्सतसेअपनेकामकरे
मुझेसुकूँहीवोआवाज़सुनकेआताहै
तोक्यूँरब्त-ए-मुसलसलवोमेरेनामकरे
  - Aman Shahzadi
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