बुझेलबोंपेतबस्सुमकेगुलसजाताहुआ
महकउठाहूँमैंतुझकोग़ज़लमेंलाताहुआ
उजाड़दश्तसेयेकौनआजगुज़राहै
गईरुतोंकीवहीख़ुशबुएँलुटाताहुआ
तुम्हारेहाथोंसेछुटकरनजानेकबसेमैं
भटकरहाहूँख़लाओंमेंटिमटिमाताहुआ
निगलनजाएकहींबे-रुख़ीमुझेतेरी
किरोपड़ाहूँमैंअबकेतुझेहँसाताहुआ
तूशाहज़ादीमहकतेहुएउजालोंकी
मैंएकख़्वाबअँधेरोंकीचोटखाताहुआ
मिराबदनयेकिसीबर्फ़केबदनसाहै
पिघलनजाऊँमैंतुझकोगलेलगाताहुआ
तुम्हारीआँखोंकापानीकहींनबनजाऊँ
मैंडररहाहूँबहुतदास्ताँसुनाताहुआ