na takht-o-taaj men ne lashkar-o-sipaah men hai | न तख़्त-ओ-ताज में ने लश्कर-ओ-सिपाह में है

  - Allama Iqbal
तख़्त-ओ-ताजमेंनेलश्कर-ओ-सिपाहमेंहै
जोबातमर्द-ए-क़लंदरकीबारगाहमेंहै
सनम-कदाहैजहाँऔरमर्द-ए-हक़हैख़लील
येनुक्तावोहैकिपोशीदाला-इलाहमेंहै
वहीजहाँहैतिराजिसकोतूकरेपैदा
येसंग-ओ-ख़िश्तनहींजोतिरीनिगाहमेंहै
महसितारासेआगेमक़ामहैजिसका
वोमुश्त-ए-ख़ाकअभीआवारगान-ए-राहमेंहै
ख़बरमिलीहैख़ुदायान-ए-बहर-ओ-बरसेमुझे
फ़रंगरहगुज़र-ए-सैल-ए-बे-पनाहमेंहै
तलाशउसकीफ़ज़ाओंमेंकरनसीबअपना
जहान-ए-ताज़ामिरीआह-ए-सुब्ह-गाहमेंहै
मिरेकदूकोग़नीमतसमझकिबादा-ए-नाब
मदरसेमेंहैबाक़ीख़ानक़ाहमेंहै
  - Allama Iqbal
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