piya ke rukh ki jhalak ka partav kiya hai jhalkaar aaftaabi | पिया के रुख़ की झलक का परतव किया है झलकार आफ़्ताबी

  - Alimullah
पियाकेरुख़कीझलककापरतवकियाहैझलकारआफ़्ताबी
नज़रसूँआलमकेहोरहीहैमिसाल-ए-ख़ुफ़्फ़ाशबे-हिजाबी
जिसेवोचहताहैमुखदिखानेउसीकोहैताबदेखनेका
वहीसमझबख़्शमुर्शिदउनकातलबहैतूँमाँगजाशिताबी
अगरमिलेतुझकोचश्म-ए-बातिनवहीहैमक़्सूदआक़िबतसे
वगर्नातहक़ीक़-ए-दो-जहाँमेंनहींहैहासिलब-जुज़ख़राबी
उसीकोकहतेहैंकोरबातिनजिसेनहींहैगादीदउसका
पावेगावोनजातहरगिज़अगरचेवोइल्महैकिताबी
करीममुर्शिदनेचश्म-ए-बातिनकियानवाज़िश'अलीम'केतईं
वसाहक़ीक़तकेघनकाख़ुर्शीदगईनिकलकरनज़रसराबी
  - Alimullah
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy