tu hai kis manzil men teraa bol khaan hai dil ka thaar | तू है किस मंज़िल में तेरा बोल खाँ है दिल का ठार

  - Alimullah
तूहैकिसमंज़िलमेंतेराबोलखाँहैदिलकाठार
दमतिराआताहैखाँसूँबोलखाँजाताहैभार
दमकेतईंबूझासोकहतेइसकेतईंइंसानहै
नहींतोसूरतआदमीसीरतमेंहैमिस्ल-ए-हिमार
मैंकहतासोकौनहैऔरतूसमझताहैकिसे
क्यूँँअबसमैंतूमेंपड़करबे-अबसहोताहैख़्वार
राहबरहैकौनतेराबोलतूकिसकाफ़क़ीर
फ़क़्रकाक्याहासिलासमझामुझेमतहोगंवार
आशिक़ाँकेबज़्ममेंइकरंगहोबुल-हवस
मतकहाबुलबुलनमनचौंडाफुलाकरताजदार
बहरकेग़व्वाससेमतबहसकरख़ाम-तब्अ
नहींगयाहैउम्रमेंअपनेतूदरियाकेकनार
कज-बहसआताहैकरनेजंगजबउश्शाक़सूँ
ज्यूँँकितैर-ए-हफ़्त-रंगीहोगयाकरशिकार
पूछताआयाहूँजोकुछस्वालकामेरेजवाब
थरथराताहैअबससीमाबनमनेबे-क़रार
ताकहेलगज्वाबतुझपरफ़क़्रकालुक़्माहराम
बज़्म-ए-रिंदाँसूँनिकलजाजल्द-तरहोकरफ़रार
शोरऔरग़ौग़ाअबसकरताहैक्यूँँरंगकरलिबास
मुँहउठाजाताहैज्यूँँबे-क़ैदशुत्र-ए-बे-महार
'अलीमुल्लाह'करकज-बहससूँस्वालजवाब
हासिलातरफ़ैननहींहोताब-जुज़ग़ौग़ापुकार
  - Alimullah
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