watan se door yaaraan-e-watan ki yaad aati hai | वतन से दूर यारान-ए-वतन की याद आती है

  - Ali Sardar Jafri
वतनसेदूरयारान-ए-वतनकीयादआतीहै
क़फ़समेंहम-नवायान-ए-चमनकीयादआतीहै
येकैसाज़ुल्महैफिरसाया-ए-दीवार-ए-ज़िन्दाँमें
वतनकेसाया-ए-सर्व-ओ-समनकीयादआतीहै
तसव्वुरजिससेरंगींहैतख़य्युलजिससेरक़्साँहै
ग़ज़ाल-ए-हिंद-ओ-आहू-ए-ख़ुतनकीयादआतीहै
कभीलैला-ओ-शीरींगाहहीर-ओ-सोहनीबनकर
निरालेयारकीबाँकेसजनकीयादआतीहै
कहाँकाख़ौफ़-ए-ज़िन्दाँदहशत-ए-दार-ओ-रसनकैसी
क़द-ए-माशूक-ओ-ज़ुल्फ़-ए-पुर-शिकनकीयादआतीहै
  - Ali Sardar Jafri
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