aandhiyaan chalti rahen aflaak tharraate rahe | आँधियाँ चलती रहें अफ़्लाक थर्राते रहे

  - Ali Sardar Jafri
आँधियाँचलतीरहेंअफ़्लाकथर्रातेरहे
अपनापरचमहमभीतूफ़ानोंमेंलहरातेरहे
काटकररातोंकेपर्बतअस्र-ए-नौकेतेशा-ज़न
जू-ए-शीर-ओ-चश्मा-ए-नूर-ए-सहरलातेरहे
कारवान-ए-हिम्मत-ए-जम्हूरबढ़ताहीगया
शहरयार-ओ-हुक्मराँआतेरहेजातेरहे
रहबरोंकीभूलथीयारहबरीकामुद्दआ'
क़ाफ़िलोंकोमंज़िलोंकेपासभटकातेरहे
जिसक़दरबढ़तागयाज़ालिमहवाओंकाख़रोश
उसकेकाकुलऔरभीआरिज़पेलहरातेरहे
फाँसियाँउगतीरहींज़िंदाँउभरतेहीरहे
चंददीवानेजुनूँकेज़मज़
मेंगातेरहे
  - Ali Sardar Jafri
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