uljhe kaanton se ki khele gul-e-tar se pahle | उलझे काँटों से कि खेले गुल-ए-तर से पहले

  - Ali Sardar Jafri
उलझेकाँटोंसेकिखेलेगुल-ए-तरसेपहले
फ़िक्रयेहैकिसबाआएकिधरसेपहले
जाम-ओ-पैमाना-ओ-साक़ीकागुमाँथालेकिन
दीदा-ए-तरहीथायाँदीदा-ए-तरसेपहले
अब्र-ए-नैसाँकीबरकतहैफ़ैज़ान-ए-बहार
क़तरेगुमहोगएतामीर-ए-गुहरसपहले
जमगयादिलमेंलहूसूखगएआँखोंमेंअश्क
थमगयादर्द-ए-जिगररंग-ए-सहरसपहले
क़ाफ़िलेआएतोथेनारोंकेपरचमलेकर
सर-निगूँहोगईहरआहअसरसेपहले
ख़ून-ए-सरबहगयामौतगईदीवानोंको
बारिश-ए-संगसेतूफ़ान-ए-शररसेपहले
सुर्ख़ी-ए-ख़ून-ए-तमन्नाकीमहकआतीहै
दिलकोईटूटाहैशायदगुल-ए-तरसेपहले
मक़तल-ए-शौक़केआदाबनिरालेहैंबहुत
दिलभीक़ातिलकोदियाकरतेहैंसरसेपहले
  - Ali Sardar Jafri
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