har bure vaqt ke af'aal badal deta hai | हर बुरे वक़्त के अफ़आ'ल बदल देता है इश्क़ दानाओं के अक़वाल बदल देता है

  - Ali Muzammil
हरबुरेवक़्तकेअफ़आ'लबदलदेताहैइश्क़दानाओंकेअक़वालबदलदेताहै
बर्ग-ए-जाँहैअत-ए-अज्ज़ाकापरेशानसाजुज़
देखतेदेखतेअश्कालबदलदेताहै
वक़्तबेदारमगरहैतोतग़य्युरकाअसीर
जोबदलनाहोब-हर-हालबदलदेताहै
इकज़रासब्रकिपर्वाज़काख़ालिक़यक-दम
वक़्तआनेपेपर-ओ-बालबदलदेताहै
कोईमजज़ूब-ए-इलाहजज़्ब-ओ-जुनूँमेंकर
कुर्रा-ए-अर्ज़केअब्दालबदलदेताहै
हाथजाएअगरनुस्खा-ए-अक़्वाल-ए-'अली'
एकइकक़ौल-ए-मह-ओ-सालबदलदेताहै
  - Ali Muzammil
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