ye kya ki khalk ko poora dikhaai deta hooñ | ये क्या कि ख़ल्क़ को पूरा दिखाई देता हूँ

  - Ali Muzammil
येक्याकिख़ल्क़कोपूरादिखाईदेताहूँ
मगरमैंख़ुदकोअधूरासुझाईदेताहूँ
अजलकोजाकेगरेबानसेपकड़लाए
मैंज़िंदगीकोवहाँतकरसाईदेताहूँ
मैंअपनेजिस्मकेसबमुनक़सिमहवालोंको
ब-नाम-ए-रिज़्क़सुख़नकीकमाईदेताहूँ
वोज़िंदगीमेंमुझेफिरकभीनहींमिलता
मैंअपनेख़्वाबोंसेजिसकोरिहाईदेताहूँ
मुझेसिलासताइशअद्लहैमतलूब
मैंअपनेसामनेअपनीसफ़ाईदेताहूँ
येशोरमेरातख़ातुबनहींसुनेगा'अली'
मैंख़ामुशीकोमुकम्मलसुनाईदेताहूँ
  - Ali Muzammil
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